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स्पर्श अभियान :वित्तीय व्यवस्था
स्पर्श अभियान :वित्तीय व्यवस्था
 
वित्तीय व्यवस्था:
स्पर्श अभियान के अन्तर्गत जिन हितग्राहियों को पुर्नवासित किया जाना है वह सभी म.प्र. निराश्रित एवं निर्धन अधिनियम 1970 की परिधी में आते हैं। इसलिए इन व्यक्तियों के कल्याण के लिए निराश्रित निधि का गठन किया गया है इस निधि पर अर्जित ब्याज से अभियान के अन्तर्गत निम्नांकित मदों में व्यय किये जाने का प्रावधान है :-
  • निराश्रित निःशक्त व्यक्तियों को कृत्रिम अंग उपकरण आदि का प्रदान ।
  • निराश्रित निःशक्त व्यक्तियों के कल्याण हेतु कार्यशाला, सेमिनार, प्रदर्शनी एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन इस प्रयोजन हेतु आवश्यकतानुसार चलित इकाईयों की स्थापना है ।
  • निराश्रित निःशक्त व्यक्तियों की सहायता हेतु प्रबंधकीय व्यय ।
  • निराश्रित निःशक्त व्यक्ति पुर्नवास और ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु व्यय ।
  • इसके अलावा दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजनान्तर्गत स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार हेतु दवाईयों की व्यवस्था आदि ।
  • कलेक्टर को रूपये 2.00 लाख तक व्यय स्वीकृत के अधिकार हैं और इससे अधिक व्यय होने की स्थिति में आयुक्त, सामाजिक न्याय द्वारा निराश्रित नीधि पर अर्जित ब्याज की राशि का उपयोग करने के लिए अनुमति दी जायेगी ।
  • इस अभियान पर किये गये व्यय का पृथक से लेखा संधारित किया जायेगा ।
  • रेडक्रास के माध्यम से स्पर्श अभियान के अन्तर्गत मानसिक मंदत्ता, मानसिक रूग्णता एवं वृद्वों के लिए वस्त्रों की व्यवस्था तथा उनके प्रसाधन की व्यवस्था पर व्यय कर सकते हैं ।
  • स्वास्थ्य विभाग एवं रेडक्रास के माध्यम से एम्बूलेन्स की व्यवस्था मानसिक चिकित्सालय तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराना ।
  • स्वयं सेवी संस्थाओं एवं दानदाताओं का सहयोग जो दान नगद/वस्तु के रूप में प्राप्त हो उसका लेखा जोखा पृथक से रखा जाये ।