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SPARSH Portal : स्पर्श पोर्टल
Special Project for Assistance, Rehabilitation & Strengthening of Handicapped (SPARSH) - a caring touch for disabled, old and destitute persons
स्पर्श अभियान :नि:शक्‍तता की परिभाषा  
नि:शक्‍त व्‍यक्ति (समान अवसर,अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम 1995 की धारा-2 के तहत नि:शक्‍तता को निम्‍नानुसार परिभाषित किया गया हैं।
When a person is having a difficulty in doing some daily functions, like:

seeing
hearing
in moving from one place to the other using limbs such as hands
difficulty in thinking or learning very basic concepts
undergoes changes in behaviour she or he may have an impairment.

According to the United Nations Convention of the Rights of Persons with Disabilities, ratified by India in 2007, "Persons with disabilities include those who have long-term physical, mental, intellectual or sensory impairments which in interaction with various barriers may hinder their full and effective participation in society on an equal basis with others

सामान्यत: नि:शक्‍तता एक ऐसी अवस्था है जिससे व्यक्ति शरीर के कुछ अंग न होने के कारण अथवा सभी अंगों के होते हुए भी उन अंगों का कार्य सही रूप से नहीं कर पाता - जैसे उँगलियाँ न होना, पोलियो से पैर ग्रस्त होना, आँख होते हुए भी अंधत्व के कारण दिखाई नहीं देना, कान में दोष होने के कारण सुनाई नहीं देना, बुद्धि कम होने के कारण पढ़ाई नहीं कर पाना अथवा बुद्धि होते हुए भी भावनाओं पर नियंत्रण न कर पाना आदि |
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नि:शक्‍तता की परिभाषा को तीन चरणों में विभाजित किया है -

क्षति (Impairment)

व्यक्ति के स्वास्थ्य से संबन्धित ऐसी अवस्था जिसमें शरीर के किसी अंग की रचना अथवा कार्य में दोष/अकार्यक्षमता/दुर्बलता होना |

नि:शक्‍तता (Disability)

क्षति के कारण नि:शक्‍तता निर्मित होती हैं | अर्थात, संरचनात्मक अथवा कार्यात्मक क्षति लंबे समय तक रहकर व्यक्ति को उसके दैनिक क्रियाकलापों में रूकाबट बन जाती हैं | इस अवस्था को नि:शक्‍तता कहा जाता हैं |

बाधिता (Handicap)

नि:शक्‍तता के कारण बाधिता निर्मित होती हैं | यानि दैनिक क्रियाकलापों को पूरा करने के अकार्यक्षमता के कारण व्यक्ति को समाज की गतिविधियों और मुख्यधारा में सहभागिता से वंचित होना पड़ता हैं | अर्थात, व्यक्ति समाज द्वारा अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पाता हैं | इस अवस्था को बाधिता कहते हैं |

नि:शक्‍तता को निम्‍नानुसार परिभाषित किया गया हैं।

  • अन्‍धता (Visual Impaired)
  • कुष्‍ठरोगमुक्‍त (Leprosy-free)
  • श्रवण शक्ति का ह्रास (Hearing and Speech Impaired)
  • चलन नि:शक्‍तता (Locomotors Disabilities)
  • मानसिक मंदता (Mentally Retired)
  • मानसिक रूग्‍णता

अन्‍धता (Visual Impaired)

"अन्‍धता" उस अवस्‍था को निर्दिष्‍ट करती हैं जहां कोई व्‍यक्ति निम्‍न लिखित अवस्‍था में से किसी में ग्रसित हैं, अर्थात:

1.द्धष्टि का पूर्ण अभाव

2.सुधारको लेंसो के साथ बेहतर नेत्र में द्धष्टि की तीक्षगता जो 6/60 या 20/200 (स्‍नेलन) में अधिक न हो

3.द्धष्टि क्षेत्र की सीमा जो 20 डिग्री कोण वाली या उससे तंदतर है |

कम द्धष्टि (Partial visual impaired)

"कम द्धष्टि वाला व्‍यक्ति" से ऐसा कोई व्‍यक्ति अभिप्रेत है जिसकी उपचार या मानक अपर्वतनीय संशोधन के पश्‍चात़ भी द्धष्टि क्षमता का ह्रास हो गया है किन्‍तु जो समुचित सहायक युक्ति से किसी कार्य की योजना या निष्‍पादन के लिए द्धष्टि का उपयोग करता है या उपयोग करने मे संभाव्‍य रूप से समर्थ हैं।

कुष्‍ठरोगमुक्‍त (Leprosy-free)

"कुष्‍ठ रोगमुक्‍त व्‍यक्ति" से कोई ऐसा व्‍यक्ति अभिप्रेत है जो कुष्‍ठ से रोगमुक्‍त हो गया है, किन्‍तु:

1.हाथों या पैरों में संवेदना की कमी और नेत्र और पलक में संवेदना की कमी और आंशिक घात से ग्रस्‍त किन्‍तु प्रकट विरूपता से ग्रस्‍त नही हैं।

2.प्रकट विरूपता और आंशिक घात से ग्रस्‍त हैं, किन्‍तु उसके हाथों और पैरो में पर्याप्‍त गतिशीलता है, जिससे वह सामान्‍य आर्थिक क्रियाकलप कर सकता हैं।

3.अत्‍यन्‍त शारीरिक विरूपता और अधिक वृद्वावस्‍था से ग्रस्‍त है जो उसे कोई भी लाभपूर्ण उपजीविका चलाने से रोकती है और कुष्‍ठ रोग मुक्‍त पद का अर्थ तदानुसार लगाया जायेगा।

श्रवण शक्ति का ह्रास (Hearing and Speech Impaired)

"श्रवण शक्ति का ह्रास" से अभिप्रेत है संवाद संबंधी रेंज की आवृत्ति में बेहतर कर्ण में साठ डेसीबल या अधिक की हानि

चलन नि:शक्‍तता (Locomotors Disabilities)

"चलन नि:शक्‍तता" से हडिडयों, जोडो या मांसपेशियों की कोई ऐसी नि:शक्‍तता अभिप्रेत है, जिससे अंगो की गति में पर्याप्‍त निबंधन या किसी प्रकार का प्रमस्तिष्‍क घात हो

मानसिक मंदता (Mentally Retired)

"मानसिक मंदता" से अभिप्रत है, किसी व्‍यक्ति के चित्‍त की अवरूद्व या अपूर्ण विकास की अवस्‍था जो विशेष रूप से बुद्वि की अवसामान्‍यता द्वारा अभि‍लक्षित होती है।

मानसिक रूग्‍णता (Mental ill Health)

"मानसिक रूग्‍णता" से मानसिक मंदता से भिन्‍न कोई मानसिक विकार अभिप्रेत है, ''नि:शक्‍त व्‍यक्ति'' से ऐसा कोई व्‍यक्ति अभिप्रेत है जो किसी चिकित्‍सा प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित किसी नि:शक्‍तता के कम से कम चालीस प्रतिशत से ग्रस्‍त हैं।